CNG Latest Rates 2026: आज के दौर में जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी के बजट का ‘दिवाला’ निकाल रही हैं, ऐसे में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) एक फरिश्ता बनकर उभरी है। ऑफिस जाने वाले हों या ऑटो-टैक्सी चलाने वाले भाई, हर किसी की नजर सुबह होते ही CNG Latest Rates पर टिक जाती है। आखिर हो भी क्यों न, ईंधन के दाम सीधे हमारी जेब और महीने के राशन के बजट को जो प्रभावित करते हैं।
CNG न केवल सस्ती है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी ‘इको-फ्रेंडली’ मानी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि हर शहर में इसके रेट अलग-अलग क्यों होते हैं? चलिए आज के ताज़ा भाव और इसके पीछे के ‘खेला’ को विस्तार से समझते हैं।
शहर-शहर क्यों बदल जाते हैं CNG के दाम?
भारत में CNG की कीमतें हर जगह एक जैसी नहीं होतीं। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ी वजह है हर राज्य का अपना टैक्स स्ट्रक्चर और गैस वितरण कंपनियों (जैसे IGL, MGL, Adani Gas) का नेटवर्क। जिन शहरों में गैस पाइपलाइन आसानी से पहुंच जाती है, वहां रेट थोड़े ‘ठंडे’ रहते हैं। वहीं, पहाड़ी या दूर-दराज के इलाकों में गैस ले जाने का ट्रांसपोर्टेशन खर्चा बढ़ जाता है, जिससे वहां की जनता को थोड़े ज्यादा पैसे ढीले करने पड़ते हैं।
दिल्ली और मुंबई: यहाँ अभी भी है ‘सस्ता’ सफर
राजधानी दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में CNG पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ है। दिल्ली-NCR में गैस की सप्लाई चेन बहुत मजबूत है, इसलिए यहां कीमतें अभी भी कंट्रोल में नजर आती हैं। वहीं मुंबई में भी महानगर गैस लिमिटेड (MGL) की वजह से दाम स्थिर रखने की पूरी कोशिश की जाती है। इन दोनों महानगरों में पेट्रोल के मुकाबले CNG पर गाड़ी चलाना आज भी काफी किफायती और स्मार्ट चॉइस माना जाता है।
मेट्रो सिटीज और उत्तर भारत का हाल
बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे हाई-टेक शहरों में भी अब CNG की डिमांड रॉकेट की तरह बढ़ रही है। हालांकि दक्षिण भारत में उत्तर के मुकाबले रेट थोड़े हाई हैं, फिर भी बेहतर माइलेज के कारण लोग इसे हाथों-हाथ ले रहे हैं।
बात करें उत्तर भारत की, तो लखनऊ, कानपुर और जयपुर जैसे शहरों में CNG स्टेशनों का जाल तेजी से बिछ रहा है। छोटे शहरों में अभी भी स्टेशनों की कमी है, लेकिन जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ रहा है, लोग अपने पेट्रोल वाहनों में CNG किट लगवाकर पैसे बचाने का जुगाड़ कर रहे हैं।
मध्य और पूर्वी भारत: यहाँ अभी भी है थोड़ी चुनौती
इंदौर, भोपाल और रायपुर जैसे मध्य भारत के शहरों में CNG की उपलब्धता अभी भी थोड़ी सीमित है। सप्लाई की दिक्कत के कारण यहाँ रेट कई बार ₹90 प्रति किलो के पार निकल जाते हैं। वहीं बिहार और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों में धीरे-धीरे नए स्टेशन खुल रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में यहाँ भी दाम स्थिर होंगे और लोगों को लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी।
CNG चलाने के फायदे: जेब और सेहत दोनों चकाचक
अगर आप सोच रहे हैं कि CNG पर स्विच करें या नहीं, तो ये फायदे देख लीजिए:
- तगड़ा माइलेज: पेट्रोल के मुकाबले CNG गाड़ियां ज्यादा एवरेज देती हैं।
- कम प्रदूषण: यह ईंधन धुआं कम छोड़ता है, जिससे आपके शहर की हवा साफ रहती है।
- सस्ता मेंटेनेंस: लंबे समय में यह आपके इंजन के लिए भी बेहतर साबित हो सकती है।
- किराये में राहत: जब गैस सस्ती होती है, तो ऑटो-टैक्सी के किराये भी लगाम में रहते हैं।
क्या आगे और सस्ती होगी CNG?
सरकार का पूरा जोर अब ‘गैस आधारित अर्थव्यवस्था’ पर है। नए-नए गैस हब और पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जैसे-जैसे सप्लाई बढ़ेगी, विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी और उम्मीद है कि भविष्य में CNG के रेट और भी ज्यादा स्थिर और आम आदमी के अनुकूल हो जाएंगे।