PM Awas Yojana Urban 2.0 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहरी गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों के ‘अपना घर’ के सपने को सच करने के लिए पीएम आवास योजना – शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नया घर बनाने या खरीदने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता (Central Assistance) प्रदान की जाती है। वर्ष 2024 से 2029 तक चलने वाली इस योजना का लक्ष्य देश के 1 करोड़ परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। 2026 में भी यह योजना पूरे जोर-शोर से लागू है, जिससे शहरों में रहने वाले उन लोगों को बड़ी राहत मिल रही है जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है।
क्या है 2.5 लाख रुपये वाली PMAY-U 2.0 योजना?
इस योजना के तहत मिलने वाली 2.5 लाख रुपये की सहायता राशि मुख्य रूप से लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) और साझेदारी में किफायती आवास (AHP) घटकों के तहत दी जाती है।
- BLC (Beneficiary Led Construction): यदि आपके पास अपना प्लॉट या कच्चा मकान है, तो नया पक्का घर बनाने के लिए सरकार आपको किस्तों में 2.5 लाख रुपये देती है।
- AHP (Affordable Housing in Partnership): यदि आप सरकारी प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदते हैं, तो केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आपकी प्रॉपर्टी की कीमत में 2.5 लाख रुपये तक की छूट या सहायता प्रदान करती है।
आवेदन के लिए पात्रता और आय सीमा
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने आय के आधार पर तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं:
- EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक है। 2.5 लाख की सीधी सहायता मुख्य रूप से इसी वर्ग के लिए है।
- LIG (निम्न आय वर्ग): जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है।
- MIG (मध्यम आय वर्ग): जिनकी वार्षिक आय 6 लाख से 9 लाख रुपये तक है।मुख्य शर्त: आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी कोई ‘पक्का मकान’ नहीं होना चाहिए।
ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) का दोहरा लाभ
यदि आप घर बनाने के लिए बैंक से लोन लेते हैं, तो PMAY-U 2.0 के तहत आपको ब्याज सब्सिडी का भी लाभ मिलता है।
- पात्र लाभार्थियों को 8 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
- इस सब्सिडी के माध्यम से आप अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं।
- यह सब्सिडी 5 वार्षिक किस्तों में आपके लोन खाते में जमा की जाती है, जिससे आपकी ईएमआई (EMI) का बोझ काफी कम हो जाता है।
महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता
मोदी सरकार की इस योजना में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के नियमानुसार, घर का मालिकाना हक घर की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होना अनिवार्य है। इसके अलावा, विधवाओं, एकल महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर और एससी/एसटी वर्ग के आवेदकों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाती है। सफाई कर्मियों और रेहड़ी-पटरी वालों (PM-SVANidhi लाभार्थी) के लिए भी इस योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
आवेदन कैसे करें और जरूरी दस्तावेज
PMAY-U 2.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। आप योजना के आधिकारिक पोर्टल pmaymis.gov.in पर जाकर या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
- आवेदक और परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) या स्व-घोषणा पत्र।
- सक्रिय बैंक खाता जो आधार से लिंक हो।
- जमीन के दस्तावेज (यदि आप अपने प्लॉट पर घर बना रहे हैं)।
- एक हलफनामा (Affidavit) कि आपके पास पहले से कोई पक्का घर नहीं है।