PM Awas Yojana 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्का घर देने की मुहिम अब एक निर्णायक मोड़ पर है। केंद्र और राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं
कि योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इसी कड़ी में, जिला प्रशासन ने ब्लॉक स्तर पर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है ताकि सर्वे के दौरान हुई किसी भी गड़बड़ी को सुधारा जा सके।
15 जनवरी तक पूरा होगा वेरिफिकेशन का काम
ग्रामीण विकास विभाग ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए 15 जनवरी 2026 की सख्त समय सीमा (Deadline) तय की है। डीडीसी (DDC) ने सभी ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया है कि वे शत-प्रतिशत परिवारों का सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपें। इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की चयन प्रक्रिया शुरू होनी है।
तीन चरणों में हो रही है पारदर्शी जांच
आवास योजना की लिस्ट को पारदर्शी बनाने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है:
- पहला चरण: सर्वेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा की गई और शुरुआती रिपोर्ट तैयार हुई।
- दूसरा चरण: वर्तमान में ब्लॉक स्तर पर दोबारा जांच (Re-verification) की जा रही है।
- तीसरा चरण: जिला मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी अंतिम जांच करेंगे ताकि कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना में न बच सके।
लिस्ट से हटाए जाएंगे 50,000 से अधिक नाम
वेरिफिकेशन के शुरुआती रुझानों से पता चला है कि लगभग 50,000 से अधिक परिवारों के नाम लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। जांच में सामने आया है कि कई ऐसे परिवारों ने भी आवेदन किया है जिनके पास पहले से पक्का मकान मौजूद है। ‘आवास सॉफ्ट’ पोर्टल के डेटा के अनुसार, अभी तक केवल 50 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है, जिसे अब युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है।
सेल्फ-सर्वे में मिलीं भारी अनियमितताएं
इस बार सरकार ने लोगों को खुद से जानकारी भरने यानी ‘सेल्फ-सर्वे’ की सुविधा दी थी, जिसका लाभ लगभग 65,000 परिवारों ने उठाया। हालांकि, जांच के दौरान इसमें काफी अनियमितताएं पाई गई हैं। कई संपन्न परिवारों ने भी गलत जानकारी देकर योजना में शामिल होने की कोशिश की है। अब इन सभी मामलों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि धांधली रोकी जा सके।
रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा घर का टारगेट
जिले में इस बार कुल 4,43,519 परिवारों को सर्वे में शामिल किया गया था। इसमें सबसे अधिक परिवार पारू ब्लॉक से और सबसे कम मुरौल ब्लॉक से हैं। 15 जनवरी तक चलने वाली इस जांच के बाद जो फाइनल रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी, उसी के आधार पर जिले को नए घर बनाने का लक्ष्य (Target Allocation) दिया जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी विभाग के निर्देशों और हालिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए कृपया PM Awas Yojana की आधिकारिक वेबसाइट या अपने संबंधित ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।
