MCADWM Scheme 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित Modernization Command Area Development and Water Management (MCADWM) योजना की समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए ताकि सिंचाई संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और कृषि उत्पादन में भारी वृद्धि हो। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है और इसके लिए योजनाओं का असर कागजों के बजाय जमीन पर दिखना अनिवार्य है।
MCADWM योजना की समीक्षा बैठक और निर्देश
मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में MCADWM योजना के तहत चयनित क्लस्टरों की दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर देरी होती है, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि किसानों को समय पर पानी और तकनीक का लाभ मिल सके।
क्या है MCADWM योजना और इसके उद्देश्य?
MCADWM योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की एक महत्वपूर्ण उप-योजना है। इसका मुख्य फोकस कमांड क्षेत्रों में सिंचाई की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना है।
- जल संरक्षण: पानी की बर्बादी को रोकना और उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करना।
- आधुनिक तकनीक: भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप्ड इरिगेशन (Underground Pressurized Piped Irrigation) जैसे सिस्टम को लागू करना।
- आय में वृद्धि: बेहतर सिंचाई प्रबंधन के जरिए किसानों की फसल पैदावार और मुनाफे को बढ़ाना।
- विभागीय समन्वय: बेहतर क्रियान्वयन के लिए जल शक्ति और कृषि विभागों के बीच तालमेल बैठाना।
पिछड़े विकास खंडों में विकास की गति होगी तेज
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने राज्य के पिछड़े विकास खंडों (Backward Blocks) के विकास को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पोषण, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास से संबंधित कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि विकास की मुख्यधारा से पीछे छूटे क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
आकांक्षी विकास खंड कार्यक्रम की प्रगति की जांच
बैठक के दौरान ‘आकांक्षी विकास खंड कार्यक्रम’ की भी विस्तृत समीक्षा की गई। पिछड़े ब्लॉकों की स्थिति और विकास संकेतकों (Indicators) पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर दर्ज किया जाने वाला डेटा पूरी तरह सटीक और त्रुटिहीन होना चाहिए। डेटा की गुणवत्ता से ही विकास की सही तस्वीर सामने आएगी और भविष्य की योजनाएं बनाई जा सकेंगी।
राज्य के औसत से पीछे चल रहे संकेतकों पर विशेष ध्यान
जिन विकास खंडों की प्रगति अभी भी राज्य के औसत से नीचे है, उनके लिए एक ठोस कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने जिला और ब्लॉक स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने और विकास की गति को तेज करने के लिए लक्षित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी बैठकों और प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। योजनाओं की पात्रता और आवेदन की विस्तृत जानकारी के लिए कृपया उत्तर प्रदेश के आधिकारिक कृषि या जल शक्ति विभाग के पोर्टल पर विजिट करें।
