दिव्यांग छात्रों को हर महीने मिलेंगे ₹1600, जानें कैसे करें अप्लाई – Post-Matric Scholarship 2026

Post-Matric Scholarship 2026 – क्या आप जानते हैं कि पैसों की तंगी अब आपकी या आपके किसी जानने वाले दिव्यांग साथी की पढ़ाई के आड़े नहीं आएगी? केंद्र सरकार ने अपनी ‘Post-Matric Scholarship’ योजना के तहत खजाना खोल दिया है, जिसमें 11वीं कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई के लिए तगड़ी आर्थिक मदद दी जा रही है। अगर आप भी एक गरिमामय जीवन और करियर बनाना चाहते हैं, तो यह मौका हाथ से न जाने दें क्योंकि आवेदन की खिड़की खुली हुई है।

क्या है यह पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना?

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DoEPwD) द्वारा चलाई जा रही यह स्कीम उन होनहार छात्रों के लिए है जो शारीरिक या मानसिक चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ना चाहते हैं। अक्सर देखा गया है कि दिव्यांग छात्र अपनी प्रतिभा के बावजूद पैसों की कमी या अन्य बाधाओं के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार 11वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स को सीधे कैश सपोर्ट दे रही है।

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किन दिव्यांगताओं को किया गया है शामिल?

इस योजना का लाभ उन सभी छात्रों को मिलेगा जो ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के दायरे में आते हैं। इसमें मुख्य रूप से दृष्टिबाधित (Visual), श्रवण बाधित (Hearing), मूक-बधिर (Speech), शारीरिक अक्षमता (Loco-motor) और बौद्धिक दिव्यांगता (Mental Retardation) वाले छात्र शामिल हैं। सरकार का मकसद यह है कि समाज का हर वर्ग मुख्यधारा से जुड़े और खुद के पैरों पर खड़ा हो सके।

हर महीने खाते में आएंगे इतने रुपये

इस स्कॉलरशिप को अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया है। अगर आप इंजीनियरिंग, मेडिकल या मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं, तो हॉस्टल में रहने वालों को ₹1600 और डे-स्कॉलर्स को ₹750 महीना मिलेगा। वहीं, बीए, बीएससी जैसे सामान्य कोर्सेज के लिए ₹950 तक की मदद दी जा रही है। 11वीं-12वीं और आईटीआई के छात्रों को भी ₹550 से ₹900 के बीच मंथली मेंटेनेंस अलाउंस दिया जा रहा है।

सालाना मिलने वाले एक्स्ट्रा फायदे

सिर्फ मंथली पैसा ही नहीं, सरकार साल में एक बार अलग से ‘डिसेबिलिटी अलाउंस’ भी देती है। दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांग छात्रों को ₹4000 सालाना मिलते हैं, जबकि अन्य कैटेगरी के लिए ₹2000 तय किए गए हैं। इसके अलावा, किताबों के खर्च के लिए भी हर साल ₹1500 की अलग से मदद दी जाती है ताकि छात्र अपनी पसंद की स्टडी मटेरियल बिना किसी टेंशन के खरीद सकें।

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आवेदन के लिए जरूरी पात्रता

इस स्कीम का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। सबसे पहली शर्त यह है कि छात्र की दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए। दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवार की कुल सालाना आय ₹2.50 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक किसी अन्य सरकारी स्कॉलरशिप का लाभ न ले रहा हो। एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को ही यह लाभ मिल सकता है (जुड़वाँ बच्चों के मामले में छूट है)।

इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर कोई छात्र अपनी क्लास में फेल हो जाता है या क्लास रिपीट करता है, तो उसे उस साल के लिए स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी। साथ ही, आवेदन करते समय कोई भी गलत जानकारी या फर्जी डॉक्यूमेंट न लगाएं। सरकार ने साफ किया है कि गलत जानकारी देने पर 15% चक्रवृद्धि ब्याज के साथ पैसा वसूला जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए अपनी सारी डिटेल्स बिल्कुल सही-सही भरें।

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आप पर क्या असर पड़ेगा?

इस स्कॉलरशिप से दिव्यांग छात्रों की आर्थिक निर्भरता खत्म हो जाएगी। अब आपको कॉलेज की फीस, हॉस्टल का खर्च या महंगी किताबों के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी। यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आएगा, जिससे आपकी पढ़ाई में एक निरंतरता बनी रहेगी। सबसे बड़ा असर आपके आत्मविश्वास पर पड़ेगा, क्योंकि आप अपनी मेहनत और सरकार के सहयोग से खुद का भविष्य संवार सकेंगे।

आपको अब क्या करना चाहिए?

अगर आप योग्य हैं, तो सबसे पहले अपने पास एक वैध ‘दिव्यांगता प्रमाण पत्र’ (Disability Certificate) तैयार रखें। इसके बाद नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर जाकर अपनी डिटेल्स चेक करें। आय प्रमाण पत्र और पिछले साल की मार्कशीट जैसे जरूरी कागज जुटा लें। यदि आपके पास कोई दोस्त या रिश्तेदार ऐसा है जो इस दायरे में आता है, तो उसे तुरंत इस स्कीम के बारे में बताएं। देरी न करें, क्योंकि पोर्टल पर आवेदन की एक निश्चित समय सीमा होती है।

स्कॉलरशिप की ग्रुप वाइज पूरी जानकारी

सरकार ने कोर्सेज को चार ग्रुप्स में बांटा है। ग्रुप-1 में मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे टेक्निकल कोर्स हैं। ग्रुप-2 में फार्मेसी, एलएलबी, होटल मैनेजमेंट और पैरा-मेडिकल कोर्सेज को रखा गया है। ग्रुप-3 में सामान्य ग्रेजुएशन (BA, B.Com) शामिल है, और ग्रुप-4 में स्कूल लेवल (11th-12th) के कोर्सेज आते हैं। हर ग्रुप की सहायता राशि अलग-अलग है, जो छात्र की जरूरत के हिसाब से तय की गई है।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

अब आवेदन करना बहुत आसान हो गया है। आपको बस नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ‘New Registration’ करना होगा। वहां अपनी कैटेगरी में ‘Post-Matric Scholarship for Students with Disabilities’ को चुनें। अपनी बैंक डिटेल्स ध्यान से भरें ताकि पैसा सीधे आप तक पहुँचे। फॉर्म भरने के बाद अपने कॉलेज या संस्थान से इसे वेरिफाई कराना न भूलें।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। स्कॉलरशिप के नियम और राशि समय-समय पर सरकार द्वारा बदली जा सकती है। सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग के नोटिफिकेशन को जरूर देखें।

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