
हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार की आंखों में एक ही सबसे बड़ा सपना होता है—अपने सिर पर एक सुरक्षित और पक्की छत। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने प्रदेश के लाखों परिवारों के इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक सौगात दी है, जिसने राज्य के कल्याणकारी मॉडल में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
कैबिनेट के इस ताज़ा और क्रांतिकारी फैसले ने उन बेघर परिवारों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, जो वर्षों से एक अदद मकान की बाट जोह रहे थे। सरकार का यह कदम न केवल आवास की कमी को दूर करेगा, बल्कि इसे गरीबों के प्रति संवेदनशीलता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
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ग्रामीण आवास न्याय योजना
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विकास मॉडल को और सशक्त बनाते हुए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना’ का शानदार आगाज किया है। कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस योजना की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाना है, जिनका नाम किन्हीं तकनीकी कारणों से वर्ष 2011 की आर्थिक व सामाजिक गणना (सर्वे) सूची में शामिल नहीं हो पाया था।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर ऐसे वंचित लोगों की पहचान के लिए 1 अप्रैल 2023 से प्रदेशव्यापी सर्वे का कार्य शुरू किया गया था। इस नए सर्वे के जरिए सरकार ने 47,090 ऐसे पात्र हितग्राहियों को चिन्हित किया है, जो मकान पाने के असली हकदार हैं लेकिन पुरानी सूची में नहीं थे। अब इन सभी 47,090 परिवारों को राज्य सरकार अपनी इस नई न्याय योजना के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराएगी।
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पीएम आवास वेटिंग लिस्ट वालों के लिए बड़ी खुशखबरी
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर का इंतजार कर रहे हितग्राहियों के लिए भी बघेल कैबिनेट ने राहत का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना की वेटिंग लिस्ट में शामिल कुल 6,99,439 पात्र लोगों के लिए तत्काल राशि जारी करने के आदेश दे दिए हैं। कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने जानकारी साझा की कि इस भारी-भरकम राशि के जारी
होने के साथ ही प्रदेश में पीएम आवास की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा सूची अब पूरी तरह समाप्त (Terminate) हो जाएगी। इस फैसले से लगभग 7 लाख गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके घर बनने का काम अब युद्ध स्तर पर शुरू हो सकेगा। यह कदम दिखाता है कि सरकार केवल योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए धन की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रही है।
योजना की खासियत और बजट का प्रावधान
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका वित्तीय ढांचा है, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना के पूरक या पैरेलल (Parallel) तौर पर खड़ा किया गया है। सामान्यतः प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का अनुपात होता है, जिसमें 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। इसके विपरीत, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने स्पष्ट किया है कि
ग्रामीण आवास न्याय योजना के तहत आने वाले 47,090 लाभार्थियों के मकानों का पूरा 100 प्रतिशत खर्च छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार स्वयं उठाएगी। इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये के बजट का ठोस प्रावधान भी कैबिनेट में पारित कर दिया है। यह शत-प्रतिशत राज्य वित्त पोषित योजना है, जो गरीबों के आवास के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
गरीबों के हित में बड़ा फैसला: विपक्ष को मिला करारा जवाब
छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से आवास के मुद्दे पर चल रही सियासी बहस और विपक्षी आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह ऐतिहासिक कदम उठाकर विरोधियों को करारा जवाब दिया है।
सरकार ने यह संदेश साफ कर दिया है कि वह प्रदेश के हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है, चाहे उसका नाम पुरानी 2011 की सूची में हो या न हो। पात्रता के बावजूद तकनीकी कारणों से वंचित रह गए हजारों परिवारों को इस फैसले से वास्तविक ‘न्याय’ मिला है। यह निर्णय न केवल ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर का कायाकल्प करेगा, बल्कि बेघर लोगों के सिर पर सम्मानजनक छत सुनिश्चित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ेगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में रहने वाले बेघर परिवारों के लिए यह वाकई में किसी दीपावली जैसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास न्याय योजना’ की शुरुआत और पीएम आवास की वेटिंग लिस्ट क्लियर होने से लाखों लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीदों को नई संजीवनी मिली है।
चाहे वह वेटिंग लिस्ट के लगभग 7 लाख लोग हों या नए सर्वे के 47 हजार से अधिक परिवार, अब सभी के लिए अपने पक्के घर का रास्ता साफ हो चुका है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास न्याय योजना के संबंध में आगामी आवेदन प्रक्रिया और अन्य अपडेट्स के लिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक पोर्टलों और संबंधित विभागों द्वारा जारी सूचनाओं पर निरंतर नजर बनाए रखें।
डिस्क्लेमर
उपरोक्त जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और कैबिनेट के आधिकारिक निर्णयों पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि वे योजना की विस्तृत पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य तकनीकी विवरणों की सटीक पुष्टि के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक पोर्टल अथवा संबंधित सरकारी विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।