40 लाख पैकेज से लिया 1.4 करोड़ के फ्लैट, नौकरी छूटते EMI भरने चला रहा Rapido

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी कहानी वायरल हो रही है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। ये मामला दिल्ली से सटे नोएडा (Noida) का है, जहाँ एक हाई-प्रोफाइल आईटी (IT) इंजीनियर को अपने घर की भारी-भरकम किस्तें चुकाने के लिए सड़कों पर रैपिडो (Rapido) बाइक टैक्सी चलानी पड़ रही है। जिस शख्स का पैकेज लाखों में था, आज वो पाई-पाई के लिए संघर्ष कर रहा है।

40 लाख का पैकेज और 1.4 करोड़ का फ्लैट

नोएडा के गौर सिटी (Gaur City) में रहने वाले इस इंजीनियर का सालाना पैकेज ₹40 लाख (40 LPA) था। इतनी तगड़ी सैलरी देखकर उसने एक बड़ा रिस्क लिया और ₹1.4 करोड़ का एक लग्जरी 3-BHK फ्लैट खरीद लिया। दिखावे की इस दुनिया में उसे लगा कि सब कुछ ठीक चलता रहेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

आईटी सेक्टर में आई मंदी (IT Layoffs) की गाज उस पर भी गिरी और करीब तीन महीने पहले उसकी नौकरी चली गई। नई नौकरी न मिलने और सेविंग्स खत्म होने के कारण वो पूरी तरह से कर्ज के जाल में फंस गया।

₹95,000 की EMI का बोझ

फ्लैट के लिए जो बड़ा होम लोन लिया गया था, उसकी मासिक किस्त (EMI) ही लगभग ₹95,000 आती है। बिना नौकरी के इतनी बड़ी रकम हर महीने चुकाना किसी के लिए भी नामुमकिन है। बैंक के नोटिस और घर खर्च के दबाव ने उसे वो काम करने पर मजबूर कर दिया जो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।

अपनी इज्जत बचाने और किस्तें भरने के लिए उसने अपनी कार को उबर (Uber) में लगा दिया और खुद पार्ट-टाइम रैपिडो (Rapido) बाइक चलाने लगा ताकि रोजमर्रा का खर्चा निकल सके।

परिवार गांव भेजा, खुद छोटे कमरे में रहने को मजबूर

आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई कि उस इंजीनियर को अपना आलीशान फ्लैट किराए पर देना पड़ा। परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई के खर्चे को कम करने के लिए उसने उन्हें गांव भेज दिया है। वो खुद नोएडा के एक बेहद सस्ते और छोटे कमरे में शिफ्ट हो गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसे बचाकर बैंक की किस्त भर सके।

यह इमोशनल कहानी एक इन्फ्लुएंसर (Nomadic Teju) के वीडियो के जरिए सामने आई है। इस वीडियो ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि क्या हमें अपनी औकात से ज्यादा कर्ज लेना चाहिए?

प्राइवेट नौकरी और बड़े लोन का रिस्क

वीडियो वायरल होने के बाद लोग जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इंजीनियर के जज्बे को सलाम कर रहे हैं कि वो मेहनत कर रहा है, तो वहीं कुछ इसे ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ का शिकार बता रहे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो अपनी टेक-होम सैलरी के 30-40% से ज्यादा की EMI कभी नहीं बांधनी चाहिए, खासकर तब जब आपकी नौकरी प्राइवेट हो।

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