Post Office PPF Scheme: आज के दौर में हर कोई चाहता है कि उसका पैसा ऐसी जगह लगे जहाँ रिस्क जीरो हो और रिटर्न हीरो जैसा मिले। अगर आप भी अपने भविष्य को आर्थिक रूप से ‘लोहे जैसा मजबूत’ बनाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) योजना आपके लिए बेस्ट है। यह स्कीम उन लोगों के लिए डिजाइन की गई है जो लंबी रेस के घोड़े हैं और टैक्स बचाने के साथ-साथ मोटा फंड जमा करना चाहते हैं।
पीपीएफ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह सरकारी है, इसलिए आपके पैसे डूबने का कोई चांस ही नहीं है। चलिए जानते हैं कि कैसे एक छोटी सी बचत आपको आने वाले सालों में लखपति बना सकती है।
PPF क्या है? सरकारी गारंटी और तगड़ा मुनाफा
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ एक लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है। इसे भारत सरकार ने खास तौर पर उन लोगों के लिए शुरू किया था जो सुरक्षित निवेश के जरिए अपने बुढ़ापे या बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं। इस योजना में मिलने वाला ब्याज सरकार तय करती है, इसलिए यह पूरी तरह भरोसेमंद है। सबसे मजेदार बात यह है कि इसकी कमाई पर सरकार एक रुपया भी टैक्स नहीं काटती।
कैसे बनेंगे ₹10 लाख? चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का जादू
पीपीएफ खाते में आप साल भर में कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं। फिलहाल इस पर 7.1% की सालाना ब्याज दर मिल रही है।
अब जरा मुनाफे का गणित समझिए: अगर आप हर साल सिर्फ ₹38,000 बचाकर पीपीएफ में डालते हैं, तो 15 साल में आपकी कुल जमा राशि करीब ₹5,70,000 होगी। लेकिन पावर ऑफ कंपाउंडिंग की वजह से 15 साल बाद आपको कुल ₹10,30,613 मिलेंगे। यानी आपने जितना जमा किया, उससे लगभग दोगुना पैसा आपको वापस मिलेगा।
टैक्स फ्री कमाई: EEE कैटेगरी का जबरदस्त फायदा
पीपीएफ को निवेश की ‘EEE’ कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है:
- Exempt (छूट): निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट मिलती है।
- Exempt (छूट): हर साल मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता।
- Exempt (छूट): 15 साल बाद जब आप पैसा निकालेंगे, तो वो पूरी रकम भी टैक्स-फ्री होगी। ऐसी सुविधा बहुत कम सेविंग स्कीम्स में देखने को मिलती है।
खाता खोलने का तरीका: बेहद आसान और डिजिटल
पीपीएफ खाता खुलवाना बच्चों का खेल है। आप अपने पास के किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर इसे शुरू कर सकते हैं। बस आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और मात्र ₹500 की शुरुआती राशि की जरूरत होगी। आप साल भर में एक बार में या टुकड़ों में (ज्यादा से ज्यादा 12 बार) पैसा जमा कर सकते हैं।
मैच्योरिटी और पैसा निकालने के नियम
पीपीएफ का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है। यानी आपको 15 साल तक इस गुल्लक में पैसे डालने हैं। हालांकि, अगर आपको बीच में पैसों की सख्त जरूरत पड़ती है, तो 7 साल पूरे होने के बाद आप कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं। 15 साल खत्म होने पर आप चाहें तो इसे अगले 5-5 सालों के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं और ब्याज का मजा लेते रह सकते हैं।
चाहे आप जॉब करते हों या अपना छोटा-मोटा काम, पीपीएफ हर किसी के लिए एक ‘स्मार्ट सेविंग’ का जरिया है। छोटे और नियमित निवेश से आप बिना किसी टेंशन के भविष्य के लिए एक बड़ा सुरक्षित फंड तैयार कर सकते हैं।