Prime Minister Scholarship Scheme 2026 – भारत सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना’ (PMSS) उन परिवारों के बच्चों के लिए चलाई जा रही है जिन्होंने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। इस योजना के तहत पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen), पूर्व तटरक्षक कर्मियों और आतंकी या नक्सली हमलों में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों को उच्च व्यावसायिक शिक्षा (Professional Education) प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत लड़कों को 2500 रुपये प्रति माह और लड़कियों को 3000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी होनहार छात्र के करियर की राह में बाधा न बने और वे इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
क्या है पीएम छात्रवृत्ति योजना का मुख्य लक्ष्य
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य रक्षा और अर्धसैनिक बलों के परिवारों के बच्चों के बीच तकनीकी और स्नातकोत्तर शिक्षा को बढ़ावा देना है। अक्सर सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के बाद कई परिवारों के पास उच्च शिक्षा की महंगी फीस भरने के साधन सीमित होते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा प्रशासित ‘नेशनल डिफेंस फंड’ से वित्त पोषित यह योजना हर साल 5500 नए छात्रों को चयन करती है। यह छात्रवृत्ति न केवल वित्तीय बोझ को कम करती है, बल्कि उन वीर जवानों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका भी है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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छात्रवृत्ति की राशि और भुगतान का तरीका
योजना के नियमों के अनुसार, छात्रवृत्ति की राशि छात्र के लिंग के आधार पर तय की गई है। लड़कों को हर साल कुल 30,000 रुपये (2500 रुपये प्रति माह) और लड़कियों को 36,000 रुपये (3000 रुपये प्रति माह) दिए जाते हैं। 2026 में भी यह राशि सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी। यह भुगतान सालाना आधार पर किया जाता है। यदि आपका कोर्स 4 साल का है, तो आपको पूरे 4 साल तक यह सहायता मिलती रहेगी, बशर्ते आप हर साल अपनी शैक्षणिक योग्यता को बनाए रखें और अपनी छात्रवृत्ति का नवीनीकरण (Renewal) कराते रहें।
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आवेदन के लिए पात्रता और जरूरी शैक्षणिक योग्यता
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ कड़े शैक्षणिक मानक तय किए गए हैं। छात्र ने अपनी 12वीं कक्षा, डिप्लोमा या स्नातक में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए होने चाहिए। यह योजना केवल पहले व्यावसायिक डिग्री कोर्स (First Professional Degree Course) जैसे BE, B.Tech, MBBS, BBA, BCA, B.Pharma और MBA/MCA के लिए ही मान्य है। आवेदक का पूर्व सैनिकों, तटरक्षक कर्मियों या शहीद पुलिसकर्मियों का आश्रित बच्चा या विधवा होना अनिवार्य है। सामान्य स्नातक कोर्स जैसे BA या B.Sc (General) के लिए यह छात्रवृत्ति नहीं दी जाती है।
चयन प्रक्रिया और प्राथमिकता की श्रेणियां
चूंकि इस योजना में सीटों की संख्या सीमित है, इसलिए चयन एक विशेष प्राथमिकता प्रणाली (Priority System) के आधार पर किया जाता है। पहली प्राथमिकता उन बच्चों को दी जाती है जिनके माता-पिता देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इसके बाद उन जवानों के बच्चों को स्थान मिलता है जो सेवा के दौरान दिव्यांग हो गए। अंत में सेवानिवृत्त और वर्तमान में सेवा दे रहे कर्मियों के बच्चों को मेरिट के आधार पर चुना जाता है। 2026 की मेरिट लिस्ट पूरी तरह से आवेदक के पिछली कक्षा के अंकों और उनकी प्राथमिकता श्रेणी पर निर्भर करेगी।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
पीएम छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है। छात्र ‘नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल’ (NSP) या ‘केंद्रीय सैनिक बोर्ड’ (KSB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के साथ 12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एडमिशन प्रूफ (बोनाफाइड सर्टिफिकेट) और पिता का सर्विस सर्टिफिकेट या डिस्चार्ज बुक की कॉपी स्कैन करके अपलोड करनी होती है। मेरी सलाह है कि आवेदन करते समय अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बिल्कुल सही भरें क्योंकि सभी अपडेट उसी पर भेजे जाते हैं। साथ ही, हर सेमेस्टर या साल में कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है, वरना छात्रवृत्ति रोक दी जा सकती है।