अब पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदना पड़ेगा भारी, सरकार ने बदल दिए नियम, जान लें वरना फँस जाएंगे पैसे

Wife Property New Rules: भारत में बरसों से एक रिवाज चला आ रहा है कि घर की लक्ष्मी यानी पत्नी के नाम पर जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराई जाती है। इसके पीछे कई ‘जुगाड़’ काम करते थे—कभी स्टांप ड्यूटी में छूट पाना, तो कभी इनकम टैक्स बचाना। लेकिन अब खेल बदल गया है! 2026 की शुरुआत के साथ ही सरकार ने प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री को लेकर ऐसे नियम बना दिए हैं कि अब सिर्फ नाम के लिए पत्नी को मालिक बनाना आसान नहीं होगा।

अगर आप भी अपनी बेटर हाफ के नाम पर प्लॉट या फ्लैट लेने का मन बना रहे हैं, तो रुकिए! पहले ये नए कायदे-कानून समझ लीजिए, वरना बाद में सरकारी नोटिसों के चक्कर काटते रह जाएंगे।

क्यों बदला गया सालों पुराना नियम?

पुराने समय में पत्नी के नाम प्रॉपर्टी लेना सुरक्षा का प्रतीक माना जाता था, लेकिन कई लोगों ने इसे ‘काले धन’ को सफेद करने का जरिया बना लिया था। कागजों पर पत्नी मालिक होती थी, पर असली कंट्रोल पति के हाथ में होता था। इसी ‘दिखावे की मालिकी’ को खत्म करने और बेनामी संपत्तियों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। अब सरकार ये जानना चाहती है कि घर का असली बॉस कौन है और पैसा कहाँ से आ रहा है।

रजिस्ट्री के समय देना होगा ‘स्पेशल डिक्लेरेशन’

अब अगर आप पत्नी या घर की किसी महिला के नाम प्रॉपर्टी रजिस्टर करवाते हैं, तो आपको एक सख्त घोषणा पत्र (Declaration Form) देना होगा। इसमें साफ-साफ बताना होगा कि महिला सिर्फ नाम की नहीं, बल्कि ‘असली और कानूनी’ मालिक है। यह सिर्फ एक फॉर्म नहीं, बल्कि एक कानूनी हलफनामा होगा। अगर बाद में जांच में कुछ और निकला, तो भारी जुर्माना और जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

पैसे का हिसाब-किताब होगा ‘चकाचक’

नए नियमों के तहत अब ‘सोर्स ऑफ इनकम’ की गहराई से जांच होगी। अगर आपकी पत्नी कामकाजी हैं और अपनी कमाई से घर ले रही हैं, तो कोई टेंशन नहीं। लेकिन अगर पैसा आप दे रहे हैं, तो उसका पूरा ब्योरा देना होगा। सरकार अब ये बारीकी से देखेगी कि क्या ये वाकई गिफ्ट है या टैक्स चोरी का कोई नया पैंतरा। अब हर रजिस्ट्री के पीछे का ‘असली चेहरा’ साफ होना जरूरी है।

महिला सशक्तिकरण का नया चेहरा या बढ़ती जिम्मेदारी?

सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को असली हक मिलेगा। अब तक वे सिर्फ कागजों पर मालकिन थीं, पर अब उन्हें संपत्ति के हर फैसले में शामिल होना पड़ेगा। उन्हें टैक्स भरना होगा, कानूनी दस्तावेजों पर साइन करने होंगे और प्रॉपर्टी के रखरखाव की जिम्मेदारी लेनी होगी। यह बदलाव महिलाओं को आर्थिक रूप से और भी मजबूत बनाएगा। हालांकि, इसके लिए महिलाओं का जागरूक और शिक्षित होना भी अब बेहद जरूरी हो गया है।

रियल एस्टेट मार्केट पर क्या होगा असर?

इस बदलाव से प्रॉपर्टी बाजार में थोड़ी सुस्ती दिख सकती है क्योंकि अब ‘शॉर्टकट’ रास्ते बंद हो चुके हैं। बिल्डर और डीलर जो पहले चुटकियों में काम कराने का दावा करते थे, अब उन्हें भी सारे पेपर ‘टाइट’ रखने होंगे। लेकिन लंबे समय में देखें तो इससे खरीदारों का फायदा होगा। धोखाधड़ी के मामले कम होंगे और भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों से छुटकारा मिलेगा।

प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए जरूरी टिप्स

अगर आप महिला सदस्य के नाम प्रॉपर्टी लेने जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • तैयार रखें डॉक्यूमेंट्स: आय का प्रमाण, बैंक स्टेटमेंट और पहचान पत्र पहले से रेडी रखें।
  • पूरी जानकारी दें: रजिस्ट्री के समय किसी भी बात को न छुपाएं, जो सच है वही बताएं।
  • वकील की सलाह: नए नियमों की बारीकियां समझने के लिए किसी अच्छे कानूनी एक्सपर्ट से बात जरूर करें।
  • जल्दबाजी न करें: सभी कागजों की ठीक से जांच करने के बाद ही डील फाइनल करें।

Leave a Comment